Hindi Stories

आलसी आदमी और भगवान का प्लान

एक बार एक आलसी आदमी था जो मेहनत नहीं करना चाहता था और अपना पेट भरने के लिए हमेशा आसान तरीके की जुगाड़ में रहता था. एक दिन वो पास ही के एक खेत में पेड़ो पर रखे फल चुराने गया. वो जैसे ही पेड़ पर चढ़ा खेत के मालिक ने उसे देख लिया और लाठी लेकर उसकी तरफ दौड़ने लगा. यह देख आलसी आदमी वहां से भाग कर नजदीक के एक जंगल में छुप गया.

कुछ देर छुपे रहने के बाद वो जंगल में टहलने लगा. तभी उसे दो पैरो से लंगड़ी एक लोमड़ी दिखाई दी. यह लोमड़ी अपने दो खराब पैरो को जमीन पर रगड़ते हुए बड़ी ख़ुशी ख़ुशी चल रही थी. यह देख आलसी आदमी हैरान हो गया. उसने सोचा इस लोमड़ी के दो पैर खराब हैं तो भी ये बड़ी खुश दिखाई दे रही हैं.

तभी अचानक वहां एक शेर आ गया. शेरे को देख जंगल के बाकी जानवर भाग गए. आलसी आदमी भी पैर पर चढ़ गया. लेकिन वह लंगड़ी लोमड़ी कही नहीं भागी, वो अपनी जगह पर ही खड़ी रही. शेर के लोमड़ी के पास आया. उसके मुंह में पहले से ही एक मांस का टुकड़ा था. शेर ने वो मांस का टुकड़ा लोमड़ी के पास रखा और वहां से चला गया.

भगवान की इस लीला को देख आलसी आदमी हैरान रह गया. उसने सोचा भगवान ने इस दुनियां में हर व्यक्ति के लिए कुछ ना कुछ सोच रखा हैं. उसने मेरे लिए भी कोई ना कोई इंतजाम जरूर किया होगा. इसे भगवान का संकेत समझ कर वो एक पेड़ के नीचे इस उम्मीद में बैठ गया कि भगवान का भेजा कोई बन्दा मुझे आकर खाना खिलाएगा.

दो दिन बित गए. आदमी भूखा ही रहा. उसे खिलाने वाला कोई नहीं आया. हार मान आदमी घर की ओर जाने लगा. तभी उसे रास्ते में एक साधू मिला. उसने उस साधू को सारा किस्सा सुनाया और बोला “हे साधू महाराज! ये भगवान मुझ पर इतनी क्रूरता क्यों करता हैं? उसने उस लंगड़ी लोमड़ी के लिए तो खाने का बंदोबस्त कर दिया. लेकिन मुझे दो दिन तक भूखा रखा.”

इस पर साधू मुस्कुराया और बोला “बेटा! तुमने भगवान के संकेत को गलत समझ लिया. भगवान तुम्हे उस लोमड़ी जैसा दूसरों पर निर्भर रहने का संकेत नहीं दे रहा था. बल्कि वो तो तुम्हे उस शेर जैसा दयालु बनने का संकेत दे रहा था.”

कहानी की शिक्षा: कई बार हम भगवान के द्वारा दिए गए संकेतों का गलत अर्थ निकाल लेते हैं. भगवान ने सभी को अपनी काबिलियत और ताकत के हिसाब से काम बाँट रखा हैं. अब आपको ही उनके संकेतो को सकारात्मक रूप में लेना हैं. यदि भगवान ने आपको स्वस्थ शरीर दिया हैं तो उसका उपयोग जरूरतमंदों की सेवा में करो.

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Ajay More

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